विवाह के बाद युवतियों में मासिक चक्र परिवर्तन से उत्पन्न समस्याएं तथा उनका समाधान

विवाह के बाद युवतियों में मासिक चक्र परिवर्तन से उत्पन्न समस्याएं तथा उनका समाधान

विवाह के बाद युवतियों में कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं देखी जाती हैं। ऐसी कई युवतियां हाउस वाइफ या जॉब वर्कर होती हैं। इनमें से बहुत सी महिलाओं में अनियमित माहवारी की समस्याएं हो जाती हैं। यह समस्याएं हार्मोनल असंतुलन तथा कई शारीरिक तथा मानसिक कारणों से होती हैं।

विवाह के बाद युवतियों में मासिक चक्र संबंधी समस्याएं

विवाह के बाद युवतियों में मासिक चक्र संबंधी जो समस्याएं पाई जाती हैं। वे कई प्रकार की होती हैं। जैसे मासिक धर्म का छोटा या लंबा होना, रक्तस्त्राव की कमी या भारी रक्तस्त्राव होना, दर्द के साथ रक्स्राव होना आदि। आइये इस संबंध में विस्तृत रूप में जानते हैं।

1 – मासिक चक्र का छोटा होना

कुछ महिलाओं में दो माहवारियों के बीच का समय कम होता है। इस स्थिति को ही मासिक चक्र का छोटा होना कहा जाता है।

2 – मासिक चक्र का लंबा होना

कई महिलाओं में दो माहवारियों के बीच का चक्र ज्यादा समय ले सकता है। इस स्थिति को ही मासिक चक्र का लंबा होना कहा जाता है।

3 – रक्त स्त्राव की कमी

कई बार कुछ महिलाओं में माहवारी के समय काफी कम मात्रा में ब्लड आता है। इसी को रक्त स्त्राव की कमी की समस्या कहा जाता है।

4 – भारी रक्तस्राव की समस्या

माहवारी के समय कुछ महिलाओं को भारी रक्तस्राव की समस्या हो जाती है या उनको कई दिन तक रक्तस्त्राव जारी रह सकता है। इस प्रकार की समस्या से महिला में रक्त की कमी भी हो सकती है।

5 – माहवारी से पहले कष्ट या तनाव होना

अधिकतर महिलाओं को माहवारी से कुछ समय पहले ही तनाव होना शुरू हो जाता है। इस स्थिति में चिड़चिड़ापन, तनाव, सिर या नालों का दर्द, पैरो में सूजन या स्तनों में दवाव जैसी समस्याएं होती हैं।

6 – पेडू या कमर में दर्द होना

कई महिलाओं में मासिक धर्म से 3 या 4 दिन पहले कमर या पेडू के दर्द की समस्या होती है।

7 – माहवारी के दौरान ऐठन या दर्द होना

कुछ महिलाओं को मासिक धर्म होने पर ऐठन या दर्द की समस्या होती है। जब तक रक्तस्त्राव होता है यह समस्या बनी रहती है।

मासिक चक्र संबंधी समस्याओं का आयुर्वेदिक समाधान

मासिक चक्र संबंधी समस्याओं में नवरूप डीएस सीरप या टेबलेट बहुत लाभकारी औषधी है। यह एक आयुर्वेदिक औषधी है जिसमें लोध्र, अनंत मूल, मंजीठ, अशोक छाल आदि ओषधियां हैं । लोध्र महिलाओं में प्रजनन तथा मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को दूर करता है। अनंत मूल गर्भपात की संभावना को दूर करता है। मंजीठ अनियमित मासिक धर्म तथा अशोक छाल मासिक धर्म के समय होने वाले कष्ट तथा सफ़ेद पानी की समस्या में लाभकारी है।

अतः जो युवतियां मासिक चक्र की समस्याओं से ग्रस्त हैं उनको नवरूप डीएस सीरप या टेबलेट का सेवन अवश्य करना चाहिए। नवयुवतियां नवरूप डीएस सीरप की एक एक चम्मच सुबह शाम या नवरूप डीएस एक एक टेबलेट का सेवन सुबह शाम कर सकती हैं। 

इन चीजों का भी रखें ध्यान

नवयुवतियों को अपनी समस्याओं से बचने के लिए निम्न चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

1 – तनाव न लें।

2 – सही डाइट लें।

3 – सही मात्रा में पानी का सेवन करें।

4 – फल, सब्जी, सोया तथा कैल्शियम का सेवन करें।

5 – व्यायाम करें।

6 – पूरी नींद लें।

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