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महिलाओं तथा पुरुषों में बांझपन की समस्या का आयुर्वेदिक समाधान

यौन रोग किसी भी उम्र में होने की संभावना होती है। आज के समय में प्रत्येक 10 में से एक व्यक्ति यौन रोग का अनुभव करता है। महिलाओं में भी बांझपन की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। मोटे तौर पर बच्चे को जन्म देने में असमर्थता को बांझपन की समस्या कहा जाता है। असल में महिलाओं के गर्भ धारण के लिए उनके अंडाशय में अंडे का बनना आवश्यक होता है। जब पुरुष का स्पर्म महिला के अंडे से मिलता है तो निषेचन की क्रिया होती है और बच्चे का भ्रूण बनना प्रारंभ हो जाता है परंतु जिन महिलाओं को बांझपन की समस्या होती है उनके गर्भाश्य में यह क्रिया पूरी नहीं हो पाती। कई बार यह भी देखा गया है की महिलाओं में बांझपन की समस्या न होते हुए भी वे गर्भ धारण नहीं कर पाती हैं। इसका प्रमुख कारण पुरुषों के बांझपन की समस्या का होना होता है।

महिलाओं तथा पुरुषों की बांझपन की समस्या के कारण

महिला के कारण

1 – फैलोपियन ट्यूब का टूट जाना।

2 – हार्मोन की समस्या।

3 – सर्वाइकल की समस्या।

4 – गर्भाश्य की समस्या आदि।  

पुरुष के कारण

1 -शीघ्र पतन

2 – कामेच्छा की कमी

3 – शुक्र की कमी

4 – वीर्य में पतलापन आदि।

महिलाओं तथा पुरुषों में बांझपन की समस्या के कारक –

प्रजनन प्रणाली तथा प्रजनन अंगो के सही से कार्य करने के वाबजूद भी कई बार महिलाएं तथा पुरुषों में बांझपन की समस्या हो जाती है। कई बार जब उम्र ज्यादा बढ़ जाती है तो महिलाओं के अंडाशय में उत्तम गुणवत्ता के अंडे नहीं बन पाते अतः ऐसी स्थिति में महिलाएं बांझपन का शिकार हो जाती हैं तथा पुरुषों में  शुक्र की कमी, बीर्य में पतलापन, शीघ्र पतन आदि की समस्या हो जाती है। जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं उनमें सर्विक्स और फैलोपियन ट्यूब के क्षतिग्रस्त होने का ख़तरा बढ़ जाता है। जिसके कारण वे एक्टोपिक प्रेगनेंसी या गर्भपात का शिकार हो सकती हैं। महिलाओं में वजन ज्यादा बढ़ने से अंडोत्सर्ग में समस्या पैदा होती है। महिला को यदि एसटीडी की समस्या है तो उसको भी मां बनने में समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार पुरुषों में भी धूम्रपान तथा अल्कोहल के सेवन के कारण शरीर में कामेच्छा की कमी, मानसिक तनाव, चिंता, थकान आदि की समस्या हो जाती है जो उनमें बांझपन के कारकों को बढ़ाती है।

महिलाओं तथा पुरुषों में बांझपन का आयुर्वेदिक समाधान

महिलाओं में बांझपन का समाधान प्रो गर्भ कैप्सूल है। प्रो गर्भ कैप्सूल में गर्भ चिंतामणि रस जो की गर्भवती और गर्भस्थ शिशु के पोषण के लिए अच्छा होता है। गर्भपाल रस जो की गर्भावस्था संबंधी समस्याओं को रोकता है तथा मधु पर्निका आदि ओषधियां है जो महिलाओं के लिए बेहद लाभदायक होती हैं। इसका एक एक कैप्सूल सुबह शाम गुनगुने पानी से सेवन करें। अतः ध्यान रखें की यदि महिला उचित ट्रीटमेंट मिलने के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं हो पाती है

 तो इसका कारण पुरुष बांझपन भी हो सकता है अतः ऐसी स्थिति में पुरुषों को अतिवीर्य कैप्सूल तथा पाउच किट का सेवन करना चाहिए। अति वीर्य कैप्सूल में अश्वगंधा सत्व जो की शुक्र वर्धक तथा रोग प्रति रोधक क्षमता बढ़ाने कारगर है। इसके अलावा यह शतावर सत्व, मकरध्वज आदि ओषधियों से निर्मित किया गया है। इसका एक एक कैप्सूल सुबह शाम गुनगुने पानी या दूध से लेना चाहिए।

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