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नवयुवतियों की शारीरिक समस्याएं तथा उनका आयुर्वेदिक उपचार – नवरूप डीएस सीरप

25 से 35 वर्ष के आयु वर्ग की नवयुवतियों में कई शारीरिक समस्याएं देखी जाती हैं। इस आयु वर्ग की नवयुवतियां हाउस वाइफ, जॉब वर्कर या कॉलेज स्टूडेंट होती हैं। इनमें से बहुत सी महिलाओं में अनियमित माहवारी, सफ़ेद पानी आना, नालो का दर्द आदि समस्याएं हो जाती हैं। ये सभी समस्याएं हार्मोनल असंतुलन तथा कई शारीरिक तथा मानसिक कारणों से होती हैं। इस प्रकार की सभी समस्याओं में नवरूप डीएस सीरप या टेबलेट एक अच्छी तथा लाभकारी औषधी है। इसमें लोध्र, अनंत मूल, मंजीठ, अशोक छाल आदि ओषधियां हैं जो महिलाओं की बहुत सी शारीरिक तथा मानसिक समस्याओं से निजात दिलाती हैं।

  नवयुवतियों की समस्याएं तथा कारण –

नवयुवतियों में जो समस्याएं पाई जाती हैं। वे कई कारणों से उत्पन्न होती हैं। जैसे मासिक धर्म की अनियमितता थायरॉइड की समस्या से पैदा होती है। हाथ-पैरो की जलन विटामिन तथा कैल्शियम की कमी से होती है। खून की कमी शरीर में आयरन तत्व की कमी होने से पैदा होती है। इसी प्रकार हैवी पीरियड, गैस की समस्या, कमर दर्द जैसी कई समस्याओं के पीछे अनेक कारण होते हैं।

नवयुवतियों की समस्याओं का समाधान –

25 से 35 वर्ष के आयु वर्ग की नवयुवतियां हाउस वाइफ, जॉब वर्कर या कॉलेज स्टूडेंट होती हैं। इस आयु वर्ग में महिलाओं को कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं जैसे अनियमित माहवारी, सफ़ेद पानी आना, नालो का दर्द, माहवारी में अधिक रक्त तथा दर्द की शिकायत होना आदि होती हैं।

इस प्रकार की सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए नवरूप डीएस सीरप या टेबलेट एक अच्छी तथा सुरक्षित आयुर्वेदिक औषधी है। अतः जो युवतियां यदि इन लक्षणों को अपने जीवन में देखती हैं उनको नवरूप डीएस सीरप या टेबलेट का सेवन अवश्य करना चाहिए। नवयुवतियां नवरूप डीएस सीरप की एक एक चम्मच सुबह शाम या नवरूप डीएस एक एक टेबलेट का सेवन सुबह शाम कर सकती हैं। 

इन चीजों का भी रखें ध्यान –

नवयुवतियों को अपनी समस्याओं से बचने के लिए निम्न चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

1 – तनाव न लें।

2 – सही डाइट लें।

3 – सही मात्रा में पानी का सेवन करें।

4 – फल, सब्जी, सोया तथा कैल्शियम का सेवन करें।

5 – व्यायाम करें।

6 – अपने शरीर को हाइड्रेट रखें।

7 – पूरी नींद लें।

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